RAM IN HINDI &TYPES OF RAM IN HINDI ?

Posted by

आज हम इस पोस्ट में पढेंगे की WHAT IS RAM IN HINDI OR TYPES OF RAM IN HINDI क्या है इस पोस्ट में आपको इसके ADVANTAGE OR DISADVANTAGE के बारे में बहुत ही सरल भाषा में बताउगा , तो चलिए शुरू करते है

WHAT IS RAM IN HINDI

RAM का पूरा नाम RANDOAM ACCESS MEMORY है यह कंप्यूटर में स्थित एक हार्डवेयर डिवाइस होती है जो की डाटा को TEMPORARILY स्टोर करती है मतलब यह कुछ समय के लिए ही डाटा को स्टोर करती है

RAM को MAIN MEMORY ,PRIMARY MEMORY OR SYSTEM MEMORY भी कहते है इसे कभी कभी READ -WRITE MEMORY भी कहते है

RAM एक VOLATILE मेमोरी है तथा इसके डाटा को एक्स्सेस करने के लिए पॉवर की आवश्कता होती है यदि कंप्यूटर को बंद कर दिया जाये तो RAM में जितना भी डाटा होगा वह LOST हो जायेगा यदि कंप्यूटर को रिबूट कर दिया जाये तो OPERATING SYSTEM तथा अन्य फाइल्स RAM में हार्ड डिस्क के द्वारा दुबारा लोड होती है

यह मदर बोर्ड में स्थित रहती है और एक ही समय में read or write का कार्य करती है इसकी रीड तथा write करने की स्पीड अन्य storage devices की तुलना में बहुत अधिक तेज होती है ,तथा ram memory को byts में मापा जाता है

ADVANTAGE OF RAM IN HINDI :-

इसके लाभ निम्नलिखित है

  1. इससे कंप्यूटर सिस्टम की स्पीड बढती है जितनी जयादा RAM होगी सिस्टम की गति उतनीअधिक होगी
  2. CPU रेम से डाटा को तेजी से रीड कर सकते है ( हार्ड डिस्क ,CD,DVD, FLOPPY DISK OR USB की तुलना में )
  3. इससे पॉवर का बहुत कम use होता है जिससे BATTERY LIFE बढती है
  4. इसमें कोई भी MOVING PARTS नहीं होते है अथार्त इसके कोई भी पार्ट्स हिलते नहीं है
  5. इसमें WRITE तथा ERASE OPERATIONS कर सकते है
See also  ADVANCED EXCEL SHORTCUT KEYS

DISADVANTAGE OF RAM IN HINDI

इसके नुकसान निम्नलिखित है :-

  1. COMPUTER में RAM कम होती है क्योंकि इसकी प्रत्येक BIT की COST बहुत अधिक होती है
  2. यह VOLATILE होती है अथार्थ इसमें डाटा हमेशा के लिए स्टोर नहीं हो सकता है
  3. यह बहुत महंगी होती है
  4. यह CPU CHACHE से SLOW होती है

TYPES OF RAM IN HINDI (रेम के प्रकार )

यह मुख्यता दो प्रकार का होता है जो की निम्नलिखित है :-

  1. SRAM
  2. DRAM

WHAT IS SRAM IN HINDI

SRAM का पूरा नाम STATIC RANDOM ACCESS MEMORY है इसे कार्य करने के लिए एक नपॉवर की जरूरत होती है निरंतर पॉवर मिलते रहने का कारण इसे REFRESH करने की आवश्कता नहीं होती है

SPRAM प्रत्येक मेमोरी सेल के लिए बहुत सारे TRASISTORS का प्रयोग करता है परन्तु इसमें प्रत्येक सेल के लिए CAPACITOR नहीं होता है

आजकल इसका प्रयोग CACHE मेमोरी तथा रजिस्टर में किया जाता है इसकी खोज 1990 के दशक में की गई थी ओर इसका प्रयोग DIGITAL CAMERA ,ROUTERS PRINTERS तथा LCD SCREEN में किया जाता है

ADVANTAGE OF SRAM IN HINDI

इसके फायदे निम्नलिखित है :-

  1. यह DRAM की तुलना में बहुत तेज है
  2. इसे REFRESH करने की जरूरत नहीं पडती है
  3. इसका प्रयोग CACHE को CREATE करने के लिए किया जाता है
  4. इसमें MEDIUM POWER की आवश्यकता होती है

DISADVANTAGE OF SRAM IN HINDI

इसके नुकसान निम्नलिखित है :-

  1. DRAM की तुलना में यह महंगा है
  2. यह VOLATILE है जब पॉवर नहीं होती है तो इसका लॉस्ट हो जाता है
  3. इसकी स्क्षटोरेज क्षमता कम है
  4. इसका डिजाईन बहुत ही complex है
See also  TYPES OF KEYBOARDS

WHAT IS DRAM IN HINDI

DRAM का पूरा DYNAMIC RANDOM ACCESS MEMORY है इसे कार्य करने के लिए एक रिफ्रेश पॉवर की जरूरत होती है तथा इसके पास मेमोरी सेल के लिए TRANSISTOR तथा CAPACITOR होते है

इसको 1970 के दशक में बनाया गया था और इसका प्रयोग VIDEO GAME CONSOLES, NETWORKING HARDWARE ,तथा सिस्टम मेमोरी आदि में किया जाता है ,

ADVANTAGE OF DRAM IN HINDI

इसके फायदे निम्न है :-

  1. SRAM की तुलना में यह सस्ता है
  2. इसका MEMORY CELLस्ट्रक्चर बहुत ही सिंपल है
  3. इसका SIZE बहुत ही छोटा है
  4. इसकी STORAGE क्षमता अधिक होती है

DISADVANTAGE OF DRAMIN HINDI

  1. SRAM की तुलना में इसकी स्पीड बहुत कम है
  2. जब पॉवर चली जाती है तो इसका डाटा समाप्त हो जाता है
  3. इसमें पॉवर CONSUMPTION अधिक होता है

DIFFERENCE BETWEEN RAM AND ROM IN HINDI

RAM ROM
यह Volatile memory है यह non-volatile है
डाटा या सुचना को temporary store करके रखती है डाटा को permanently स्टोर करके रखता है
यह बहुत ही तेज है परन्तु इसमें बहुत पॉवर का इस्तेमाल होता है रोम तेज है पर ram से कम और इसमें कम पॉवर का इस्तेमाल होता है
यह डाटा को MB में स्टोर करता है डेटा को GB में स्टोर करता है
इसका प्रयोग normal operation करने के लिए किया जाता है इसका प्रयोग कंप्यूटर की शुरूआती प्रोसेस के लिए किया जाता है
इसकी चिप का साइज़ Rom से बड़ा होता है इसकी चिप का साइज़ छोटा होता है
यह दो प्रकार का होता है -static and dynamic PROM, EPROM,EEPROM इसके प्रकार है
इसे डाटा को एक्स्सेस करने के लिए पॉवर की आवश्यकता होती है इसे डाटा को एक्स्सेस करने के लिए पॉवर की आवश्कता नहीं होती है

HISTORY OF RAM IN HINDI (रेम का इतिहास )

See also  कीबोर्ड के प्रकार

पहले के कंप्यूटरमें MAIN MEMORY के कार्य के लिए RELAYS, MACHANICAL COUNTERS OR DALAY LINES का प्रयोग किया जाता था

सबसे पहली RANDOM ACCESS MEMORY को 1947 में बनाया गया जिसका नाम william tube था इसमें CRT का प्रयोग किया जाता था

दूसरी RAM को भी 1947 में बनाया गया था जिसका नाम MAGNETIC CORE MEMORY था

आजकल जिस RAM का प्रयोग किया जाता है उसका नाम है SOLID STATE MEMORY इसे सबसे पहले 1968 में ROBERT DENNARD ने विकसित किया था

DIFFERENCE BETWEEN RAM AND VIRTUAL MEMORY IN HINIDI

RAM VIRTUAL MEMORY
रेम को कंप्यूटर के मदर बोर्ड के स्लॉट पर स्थापित किया जाता है वर्चुअल मेमोरी हार्ड ड्राइव में स्टोर रहती है
इसमें डाटा को फर्स्ट इन फर्स्ट आउट के सिधांत पर ALLOCATE किया जाता है वर्चुअल मेमोरी एक प्रक्रिया का प्रयोग करती है जिसे PAGING कहते है
इसका साइज़ छोटा होता है इसका साइज़ हार्ड ड्राइव पर निर्भर करता है इसलिए इसकी स्टोरेज क्षमता अधिक होती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *