हेल्लो दोस्तों ! आज हम इस पोस्ट में What is BIOS in Hindi के बारे में पढेंगे ,इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है इसे आप पूरा पढिये यह आपको आसानी से समझ आ जायेगा तो चलिए शुरू करते है :-
BIOS IN HINDI – BIOS क्या है ?
- BIOS का पूरा नाम Basic Input /Output System होता है
- कंप्यूटर को स्टार्ट करने पर सबसे पहले हमे जो स्क्रीन दिखाई देती है उसे ही हम BIOS कहते है
- BIOS एक सोफ्टवेयर है जो कंप्यूटर के चालू होने पर अपने आप ही RUN करने लगता है दुसरे शब्दों में कहे तो यह एक प्रोग्राम है जिसका इस्तेमाल हार्डवेयर को मैनेज करने के लिए किया जाता है
4. BIOS मदर बोर्ड के साथ जुड़ा हुआ एक सॉफ्टवेर होता है और जब भी कंप्यूटर चालू होता है तो यह अपने आप ही रन होने लगता है
5. BIOS एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो कंप्यूटर को बूट करने के लिए जिमेदार होता है यह हार्डवेयर के सभी कनेक्शन का पता लगता है और उनकी जाँच करता है की सभी कनेक्शन सही तरीके से काम कर रहे है या नहीं
6. BIOS का मुख्य कार्य हार्डवेयर को सेट करना और ऑपरेटिंग सिस्टम को शुरू करना होता है यह इनपुट और आउटपुट डिवाइसो को नियंत्रित करता है
7. BIOS COMPUTER की ROM मेमोरी में मोजूद होता है यह कंप्यूटर के चालू होने पर हार्डवेयर की पहचान कर उन्हें CONFIGURE करता है
8.CPU OPERATING SYSTEM लोड होने से पहले ही BIOS को एक्सेस कर लेता है जिसकी वजह से BIOS COMPUTER के शुरू होने पर ही स्टार्ट हो जाता है
9. BIOS सॉफ्टवेर का प्रयोग पहली बार आइबीएम के द्वारा वर्ष 1981में किया गया था वर्ष 1981 में IBM ने सॉफ्टवेर का प्रयोग पर्सनल कंप्यूटर में किया गया था कुछ ही समय में यह काफी लोकप्रिय हो गया जिसके बाद इस सॉफ्टवेर का इस्तेमाल सभी प्रकार के कोम्पुटर में किया जाने लगा
10 . यह सॉफ्टवेर कंप्यूटर सिस्टम में DATA FLOW को भी नियंत्रित भी करता हैBIOS को “BYE-oss के नाम से भी जाना जाता है इस सॉफ्टवेर को अनेक नामो से जाना जाता है जेसे -ROM,BIOS,PC BIOS OR SYSTEM BIOS आदि
BIOS के कार्य – FUNCTIONS OF BIOS IN HINDI
- POWER OF SELF -TEST की प्रक्रिया करना
BIOS का सबसे पहला काम CHEACK करना होता है की कंप्यूटर हार्डवेयर सही ढंग से काम कर रहा है या नहीं .कंप्यूटर हार्डवेयर को चेक करने की प्रक्रिया को POWER ON SELF POST कहते है
पोस्ट एक प्रक्रिया है जिसमे हार्डवेयर डिवाइस जेसे की की बोर्ड माउस आदि को टेस्ट किया जाता है
2.-BOOTING
POST की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद BIOS BOOTING का काम करता है बूटिंग एक प्रक्रिया होती है जिसमे ऑपरेटिंग सिस्टम का पता लगाया जाता है और ऑपरेटिंग सिस्टम को स्टार्ट किया जाता है
3. सॉफ्टवेर और ड्राईवर को लोड करना
इसके बाद BIOS उन सभी सॉफ्टवेर और ड्राइव को कंप्यूटर में लोड करता है जो कंप्यूटर के चालु होने पर ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ रन करते है
4. कंप्यूटर रजिस्टर को INITIALIZE करना
इसके बाद BIOS COMPUTER में मोजूद सभी रजिस्टर को INITIALIZE करता है ताकि कंप्यूटर सही ढंग से काम कर सके
5. BIOS SETUP करना
BIOS सबसे आखिर में CMOS में BIOS SETTING की जाँच करता है कंप्यूटर के स्टार्ट होने के बाद यह CMOS से सभी सेटिंग को रीड करता है ताकि सारी चीज़े ठीक से काम कर सके
BIOS के प्रकार – TYPES OF BIOS IN HINDI
- UEFI
UEFI का पूरा नाम यूनिफाईड एक्स्तेसिब्ल फर्म्वेयेर इंटरफेस होता है इसका इस्तेमाल 2.2 TB जेसी बड़ी हाई ड्राइव के लिए किया जाता है यह GUID TABLE के बजाय MASTER BOOT RECORD का उपयोग करके हाई ड्राइव को सम्भालना है
2. LEGANCY BIOS
LEGANCY BIOS का इस्तेमाल छोटी हाई ड्राइव के लिए किया जाता है यह बड़ी हाई ड्राइव को नहीं सम्भाल सकता UEFI की तुलना में इसकी क्षमता कम होती है
BIOS कंप्यूटर में कहाँ स्टोर रहता है ?
यह मदर बोर्ड में लगी एक इलेक्ट्रोनिक चिप में स्टोर रहता है जिसका नाम CMOS है इस चिप ,में BIOS की पूरी सेटिंग स्टोर रहती है
CMOS यूजर को हार्डवेयर सेटिंग्स के साथ साथ डिवाइस सेटिंग्स समय और दिनाक कंप्यूटर पासवर्ड को बदलने की अनुमति देता है यह चिप नॉन वोलेटाइल होती है
BIOS को बनाने वाली कंपनीया
- FOXCONN
- AMI
- HEWLETT PACKARD
- RICOH
- ASUS
BIOS OR CMOS के बिच अंतर
| CMOS | BIOS |
| CMOS का पूरा नाम COMPLEMENTARY METAL OXIDE SEMICONDUCTOR होता है | इसका पूरा नाम BASIC INPUT OUTPUT SYSTEM होता है |
| CMOS एक हार्डवेयर है जो मदर बोर्ड में लगी रहती है | बायोस एक सॉफ्टवेर हैजो रोम, में स्टोर रहता है |
| CMOS का कार्य बायोस की सेटिंग को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना होता है | बायोस क अकार्य पोस्ट की प्रक्रिया करना बूट करना और ड्राइव को लोड करना होता है |
| CMOS को एक बेटरी के द्वारा POWER मिलती है जिसे की CMOS बेटरी कहते है | बायोस को CMOS के द्वारा पॉवर मिलती है |





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