Basic Computer Notes in Hindi

कंप्यूटर क्या है ?
कंप्यूटर हमारी जिन्दगी का अहम हिस्सा बन चूका है स्कूल से लेकर ऑफिस तक में इसका इस्तेमाल रोजाना किया जाता है और देनिक कामकाज निपटने के लिए घरो में भी कंप्यूटर का उपयोग खूब किया जा सकता है .
इसलिए हम सभी को अच्छी तरह से कंप्यूटर का परिचय होना चाहिए तभी हम इस इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग ठीक ढंग से करने में कामयाब हो सकते है साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओ में भी कंप्यूटर से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाते है इस कारण भी कंप्यूटर की बेसिक जानकारी होना जरुरी है कंप्यूटर के बारे में एक आम धारणा भी प्रचलित है की कंप्यूटर एक अंग्रेजी शब्द है कंप्यूटर का हिंदी में मतलब गणना होता है इसका मतलब कंप्यूटर का गणकयंत्र है लेकिन कंप्यूटर को एक जोड़ने वाली मशीन कहना गलत होगा क्योंकि कंप्यूटर जोड़ने के आलावा सेकड़ो अलग अलग कार्य करत है अगर आप एक लेखक /टाइपिस्ट से पूछोगे की कंप्यूटर क्या है ? तो वह शायद कहे कंप्यूटर एक टाइप मशीन है इसी तरह गेम खेलने वाले किसी व्यक्ति से पूछे तो वह शायद कहे की कंप्यूटर कंप्यूटर एल गेम मशीन है लेकिन अगर आप किसी कंप्यूटर ऑपरेटर से पूछोगे तो वह इसे ऑफिस का काम निपटने वाली मशीन के सन्धर्भ में परिभाषित करने की कोशिश करेगा
इसलिए हम कह सकते है की कंप्यूटर को किसी एक अर्थ में नहीं बंधा जा सकता है कंप्यूटर का मतलब उसके उपयोग के आधार पर ही हर व्यक्ति के लिए अलग है इसलिए हम कह सकते है की कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिससे हम किसी भी प्रकार के कार्य को कर सकते है जेसे ऑफिस के कम गेम्स ,पढाई आदि
कंप्यूटर की परिभाषा
“Computer एक मशीन है जो कुछ तय निर्देशों के अनुसार कार्य को सम्पादित करते है और जयादा कहे तो कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो इनपुट उपकरणों की मदद से आंकड़ो को स्वीकार करता है उन्हें प्रोसेस करता है और उन आंकड़ो को आउटपुट उपकरणों की मदद से सुचना प्रदान करता है “
निर्देशों में कई प्रकार का डेटा शामिल होता है जेसे संख्या , वर्णमाला आंकड़े आदि इस डेटा के अनुसार ही कंप्यूटर परिणाम देता है मतलब साफ है की कंप्यूटर GIGO-Garbage in Garbage Out के नियम पर काम करता है कंप्यूटर के पिता Charles babbage को माना गया है इन्होने सन 1833 में Analytical Engine का अविष्कार किया था , जो आधुनिक कंप्यूटर का आधार बना इसी कारण उन्हें Father of computer की उपाधि दी गयी
कंप्यूटर का पूरा नाम क्या है ?
कंप्यूटर बहु -उपयोगी मशीन होने के कारन आज तक भी इसको एक परिभाषा में नहीं बांध पाए है इसी कड़ी में कंप्यूटर का पूरा नाम भी चर्चित रहता है जिसकी अलग लोगो और सस्थाओ ने अपने अनुभव के आधार पर भिन भिन व्याख्या की है लेकिन ,इनमे से कोई भी Standard Full Form नहीं है निच्रे कंप्यूटर की एक फुल फॉर्म दी गयी है आप इसे पढिये ये आपको समझ आ जायेगा
C-Commonly
O – Operating
M -Machine
P- Particularly
U- Used in
T- Technology
E-Education and
R-Research
साधारण भाषा में पढ़े तो Commonly Operating Machine Particularly Used in Technology Education and Research.
कम्प्यूटर का परिचय-Computer Introduction in Hindi
उपर जो कंप्यूटर आप देख रहे है इसे डेस्कटॉप कंप्यूटर कहते है वर्तमान समय में इसी प्रकार के कंप्यूटर अधिक प्रचलित है इस फोटो में आपको कई अलगअलग उपकरण दिकाह रहे होंगे ये सभी मिलकर कंप्यूटर मशीन को बनाते है आइये इन उपकरणों के बारे में जानते है
- System Unit
System Unit एक बक्सा होता है जिसमे कंप्यूटर को अपना कार्य करने के लिए आवश्यक यंत्र लगे होते है सिस्टम यूनिट को CPU भी कहा जाता है इसमें मदर बोर्ड प्रोसेसर हार्डडिस्क आदि यंत्र होते है जो कंप्यूटर को कार्य करने लायक बनाते है इसे कंप्यूटर केस भी कहते है
2. Monitor
Monitor एक आउटपुट उपकरण है जो हमे दिए गए निर्देशों के [परिणाम को दर्शाता है यह बिलकुल टीवी के जेसा होता है वर्तमान में मोनिटर की जगह एल सी डी और एल इ डी ने ले ली है
3.Keyboard
keyboard एक इनपुट उपकरण है जो हमे कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए होता है इसकी मदद से ही कोम्पुटर को वंचित आकडे और निर्देश दिए जाते है इसमें विभिन प्रकार की कुंजिया कोटि है इन्ही के द्वारा निर्देश कंप्यूटर तक पहुचे जाते है
4.Mouse
mouse भी एक इनपुट उपकरण है जो कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए होता है हम इसके द्वारा कंप्यूटर में उपलब्ध प्रोग्राम को चुनते है आप यहाँ से माउस ला उपयोग करना सिख सकते है
5. Speakers
speakers आउटपुट उपकरण है जो कंप्यूटर से आवाज को सुनने में मदद करते है इन्हें के द्वारा हमे गानों ,फिल्मो तथा खेलो में उपलब्ध ध्वनी सुनाई देती है
6. Printer
printer एक आउटपुट उपकरण है जो कंप्यूटर द्वारा विश्लेषित सूचनाओ को कागज पर प्राप्त करने के लिए होता है कागज पर प्राप्त होने वाली सूचनाओ को हार्ड कॉपी भी कहते है और इसकेउल्ट सूचनाये कंप्यूटर में ही रक्षित रहती है उन्हें सॉफ्ट कॉपी कहते है
कम्पुटर की विशेषताए- Characteristics of computer in hindi
कंप्यूटर ने हमे इंसानों द्वारा किये जाने वाले अधिकतर कामो पर कब्जा कर लिया है और इम्सान को उसकी क्षमता से अधिक कार्य क्षमता प्रदान की है यह सब इस के खास गुणों के कारण सम्भव है तभी इन्सान कंप्यूटर को अपने जीवन का हिसा बना रहे है कंप्यूटर की कुछ विशेषताए निचे डी गयी है
गति -Speed
- कंप्यूटर बहुत तेजी गति से कार्य करता है
- यह लाखो निर्देशों को केवल एक सेकंड में ही स्सधित कर सकता है
- आमतौर पर प्रोसेसर की एक यूनिट की गति दसियों लाख निर्देश प्रति सेकंड्स यानी MIPS
- इस मशीन का निर्माण ही तीव्र गति से कार्य करने के लिए किया गया है
शुद्धता -Accuracy
- computer GIGO (Garbage Out) सिधांत पर कार्य करता है
- इसके द्वारा उत्पादित परिणाम त्रुटी हीन रहते है अगर किसी परिणाम में कोई त्रुटी आती है तो वह इंसानी हस्तक्षेप तथा प्रविष्ट निर्देशों के आधार पर होती है
- इसके परिणामो की शुद्धता मानव परिणामो की तुलना में बहुत जयादा होती है
परिश्रमी -Diligence
- कंप्यूटर एक थकान मुफ्त और मेहनती मशीन है
- यह बिना रुके ,थके और बोरियत माने बगेर अपना कार्य सुचारू रूप से समान शुद्धता के साथ कर सकता है
- यह पहले और आखिरी निर्देश को समान एकाग्रता ,ध्यानमेहनत से पूरा करता है
बहुप्रतिभा -Versatility
- कंप्यूटर एक बहु उदेश्य मशीन है
- यह गणना करने के अलावा अनेक उपयोगी कार्य करने में सक्षम होता है इसके द्वारा हम टाइपिंग दस्तावेज रिपोर्ट ग्राफ़िक विडियो इमेल आदि सभी जरुरी काम कर सकते है
स्वचालित -Automation
- यह एक स्वचालित मशीन है
- यह बहुत सारे कार्यो को बिना इंसानी हस्तक्षेप के पूरा कर सकता है
- स्व्चारिता इसकी बहुत बड़ी खूबी है
सम्प्रेषण -Communication
- एक कंप्यूटर मशीन अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से भी बात चित कर सकता है
- यह नेटवर्क के जरिए अपना डाटा का आदान प्रदान एक दुसरे को आसानी से कर सकते है
विश्वसनीय -Reliability
- यह एक भरोसेमंद और विश्वसनीय ,मशीन है
- इसका जीवन लम्बा होता है
- इसके सहायक उपकरण को पलता और रख रखाव किया जा सकता है
प्रकृति का दोस्त -Nature Friendly
- कंप्यूटर अपना कार्य करने किये कागज का इस्तेमाल नहीं कर सकता है
- data भण्डारण करने के लिए भी कागजी दस्तावेज नहीं बनाने पड़ते है
- इसलिए कंप्यूटर अप्रत्यक्ष रूप से प्रकृति से रक्षक होते है और इससे लगत में भी कमी आती है
कम्प्युटर की सीमाए -Limitations of Computer in Hindi
- कंप्यूटर एक मशीन है जिसे अपना कार्य करने के लिए हम इंसानों पर निर्भर रहना पड़ता है जब तक इसमें निर्देश प्रविष्ट नहीं होंगे यह परिणाम उत्पादित नहीं कर सकता है
- इसमें विवेक नहीं होता है यह बुधिहीत मशीन है इसमें सोचने समझने की क्षमता नहीं होती है मगर वर्तमान समय में कृतिम मेधा के द्वारा कोम्पुटर को सोचने और तर्क करने योग्य क्षमता विकसित की जा रही है
इसे काम करने के लिए साफ सुथरा वातावरण की जरूरत पडती है क्योंकि धुल भरी जगह पर इसकी क्षमता प्रभावित होती है और यह कार्य करना बंद भी कर सकता है
कम्प्युटर का इतिहास -History of Computer in Hindi
आधुनिक कंप्यूटर इतिहास की दें है जिसकी शुरुआत ईसा पूर्व ही हो चुकी थी जब चीनियों ने अबेकस का अविष्कार किया इसके बाद विभिन प्रकार के स्वचरित मशीन आस्तित्व में आई और चार्ल्सबेबेज द्वारा बनया गया स्वचालित इंजन आज के कंप्यूटर का आधार बना
कंप्यूटर का इतिहास कुछ इसी तरह के उतर चड़ाव से भरा हुआ है जिसके बारे में संक्षेप में निचे बताया गया है
- Abacus दुनिया का पहला गणना यंत्र था जिसके द्वारा सामान्य गणना की जा सकती है ]
- अबेकस का अविष्कार लगभग 2500 वर्ष पूर्व चीनियो द्वारा किया गया
- यह यंत्र 17 वी शताब्दी तक गणना करने का एक मात्र उपकरण बना रहा
- 1017 में John Napier ने अपनी किताब “Rabdology” में अपने गणितीय उपकरण का जिक्र किया जिसका नाम Napier’s Bones” था इस डिवाइस का उपयोग उत्पादों की गणना तथा भागफल ज्ञात करने के लिए किया जाता था इस डिवाइस में गणना करने के लिए इस्तेमाल होने वाली विधि को रेब्दोलोजी कहा जाता था
- इस डिवाइस द्वारा जोड़ना घटना गुना भाग भी किये जा सकते थे
- John Napier के अविष्कार के कुछ साल बाद ही माननीय William Oughtred ने स्लाइड रूल का अविष्कार कर लिया
- इसके द्वारा गुना भाग वर्गमूल जेसी गणनाए की जा सकती थी मगर जोड़ तथा घटाव के लिए कम इस्तेमाल किया हुआ
- 1642 में माध 18 वर्ष की आयु में फ्रंच वैज्ञानिक और दार्शनिक ने पहला व्यवहारिक यांत्रिक कैलकुलेटर बनाया
- इस कैलकुलेटर का नाम “पस्कलिन “था जिसके द्वारा गणना की जा सकती थी
- फिर 1671 में पस्क्लिन में सुधार करते हुए एक एडवांस मशीन “Step Reckoner” का अविष्कार हुआ जो जोड़ने घटाने के अलावा गुना भाग वर्गमूल भी कर सकती थी
- Gotfried Wilhelm Leibniz द्वारा विकसित इस मशीन में भंडारण क्षमता भी थी
- Binary system भी इन्ही के द्वारा विकसित किया गया जिसे एक अंग्रेज George Boole ने आधार बनाकर 1845 में एक नयी गणितीय शाखा Boolean Algebra का अविष्कार किया
- आधुनिक कंप्यूटर डाटा से संसाधित करने और तार्किक कार्यो के लिए इसी बाइनरी सिस्टम और बुलिन अलजेब्रा पर ही निर्भर रहते है
- 1804 में फ्रेंच ने एक बुनकर Joseph- Marie Jacquard ने एक हथकरघा बनाया जिसका नाम Jacquard Loom था
- इसे पहले सुचना संसाधित डिवाइस माना जाता है
- और इस डिवाइस के अविष्कार ने साबित कर दिया की मशीनों को मशीनी कोड द्वारा संचालित किया जा सकता है
- 1820 में फ़्रांस के Thomas de Colmar ने Arithmometer नमक एक नई गणना मशीन बनाई
- जिसके द्वारा गणित के चार बुनियादी कार्य जोड़ना घटाना गुना भाग किये जा सकते थे
- मगर द्वितीय विश्व युद्ध के कारण इस मशीन का विकास रूक गया
- आधुनिक ककंप्यूटर के पितामह माननीय Charles Babbage ने 1822 में बहुपदीय फलन का सारणीकरण करने के लिए एक स्वचालित यांत्रिक कैलकुलेटर का अविष्कार किया था
- यह भाप द्वारा चलती थी और इसका आकार बहुत विशाल था
- इसमें प्रोग्राम को स्टोर करने गणना करने तथा मुद्रित करने की क्षमता थी
- इस इंजन के लग्बह्ग एक दशक बाद 1833 में Analytical Engine डिजाईन किया था
- इस मशीन में वे सभी चीज़े थी जो मोर्डेन कंप्यूटर में होती है
- Analytical Engine में Milll (CPU), Store Reader and Printer का काम कर रहे थे
- अब आधुनिक कंप्यूटर की नीव रखी जा चुकी है
इसके बाद कम्पुटर ने तेजी से विकास किया और नई नई तकनीको का अविष्कार किया जिसके कारण कंप्यूटर विशाल कमरे से बहार निकलकर हमारे हाथ में समा गया इस विकास क्रम को पीड़ियो में बंटा गया है
कम्प्यूटर में करियर -Career Opportunities in The Computer Fields-
Computer field बहुत व्रेह्द है यहाँ पर कई प्रकार के स्पेशलिस्ट क्षेत्र विकसित हो चुके है जिन्हें उपक्षेत्रो में भी बाँट दिया है इसलिए करियर के लिहाज से कंप्यूटर क्षेत्र हरा भरा है
बस ,सही ढंग से कोई खेती करने वाला होना चाहिए निचे कुछ कंप्यूटर से सबंधित सब्जेक्ट्स के विषयों पर जॉब प्राप्त कर सकते है
#1 Computer Programmer
आप जिस भी कंप्यूटर को चलते है उसके कोड जो व्यक्ति लिकता है उसे कंप्यूटर प्रोग्रामर कहते है यही व्यक्ति कंप्यूटर में मोजूद सभी प्रकार के फंक्शन के कोड लिखता है और हमारे लिए कार्यो को आसान बनता है
एक कंप्यूटर प्रोग्रामर विभिन प्रोग्रामिंग भाषाओ का जानकार होता है और इन सभी भाषाओ में कोडिंग करने की योग्यता रखता है .लेकिन कुछ प्रोग्राम केवल किसी भाषा विशेष पर ही जयादा जोर देते है और उसी भाषा में कोडिंग करते है
प्रोग्रामर ही डिजाईननर्स तथा एम्प्लायर के सपनों को हकीकत में बदलते है और उन्हें वास्विकता में बदलने का कार्य करते है सतह ही में पहले से तेयार प्रोग्राम्स ,सॉफ्टवेर की टेस्टिंग ,एरर चेकिंग भी करते है
#2 Hardware Engineer
computer एक अकेली मशीन है इसे काम करने के लिए बहुत सारे अन्य पार्ट्स की जरूरत पडती है इन अलग अलग डिवाइस को बनाने ,टेस्ट करने तथा इनका नई जरुरतो के अनुसार अलग अलग डिवाइस को बनाने टेस्ट करने तथा इनका नई जरुरतो के अनुसार विश्लेषण का काम हार्डवेयर इंजिनियेर करता है
कंप्यूटर सिस्टम में कौन सा पार्ट कहाँ लगेगा उसका डिजाईन केसा होना चाहिए यूजर की सहूलियत का ख्याल जेसे जरूरी काम भी यही पेशेवर व्यक्ति करता है
सॉफ्टवेर में बदलाव् होने पर हार्डवेयर की अनुकूलता जाँच कर उसे अपडेट करने का काम भी हार्डवेयर इंजीनियर का होता है आपके कंप्यूटर में जो रेम लगी है मदरबोर्ड लगा हुआ है कैबिनेट का डिजाईन ये भी कार्य हार्डवेयर इंजिनियेर ही सम्भालता है
#3Software Developer
इसकी तुलना आप कंप्यूटर प्रोग्रामर से भी कर सकते है लेकिन इनके बिच एक महीन अन्तेर होता है जिसे समझना जरुरी होता है तभी आप इन दोनों कैरिएर के बारे में ठीक ढंग से समझ पायेगे
एक कंप्यूटर प्रोग्रामर मुख्य रूप से कंप्यूटर हार्डवेयर के उपर चलने वाले प्रोग्राम्स को बनाना है जेसे ऑपरेटिंग सिस्टम आदि और एक सॉफ्टवेर आम यूजर की जरुरतो को पूरा करने के लिए कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित करता है
#4 Web Developer
आप इस आर्टिकल को वेबसाइट पर पढ़ रहे है जिसे वेब डेवलपर ने विकसित किया है इनका मुख्य काम वेबसाइट निर्माण करना होता है साथ में एक वेबसाइट को लाइव रहने के लिए आवश्जयक जरुरी तकनिकी काम जेसे होस्टिंग सिक्यूरिटी आदि भी सम्भालने की जिमेदारी वेब डवलपर की होती है
#5 Web Designer
एक वेब डिज़ाइनर का काम वेबसाइट का डिजाईन ,कलर ,बटन सेटिंग ,थीम डिजाईन ,यूजर के लिए आसान नेवीगेशन आदि डिजाईन करना होता है यह सभी डिजाईन ग्राफ़िक टूल्स के माध्यम से तेयार करता है जिन्हें बाद में फ्रंट एंड प्रोग्रामिंग भाषाओ के द्वारा वास्तविक रूप दिया जाता है इस डिजाईन को एक वेब डवलपर वेबसाइट में जोड़ देता है और इस तरह एक वेबसाइट बनती है बहुत जगहों पर यह काम अकेला व्यक्ति ही देखता है जिसे Full Stack Developer कहा जाता है
#6 Data Scientist
इन्हें खोदक भी कहा जाता है क्औयोंकि इनका काम विभिन प्ररकार का डाटा खोदना होता है उसे डेटा का विश्लेषण करके अर्थ पूर्ण हल निकलना होता है डाटा साइंटिस्ट मुख्य रूप से बड़े बड़े बिसनेस के साथ काम करता है क्योंकि यही पर डेटा इकठा होता है इस डाटा को विभिन श्रेणियों में बाँटना उसका विश्लेषण करके कोई खास पेटर्न ढूढना फिर किसी समस्या का हल खोजना जेसे महत्वपूर्ण काम डेटा खोदक करता है
#7 Network Administrator
ऑफिसों में एक साथ सेकड़ो कंप्यूटर पर काम होता है जो कंपनी ,संस्थान सरकारी विभाग यूनिवर्सिटी आदि सम्बन्धित नेटवर्क से जुड़े रहते है इन नेटवर्क का डिजाईन ,इन्हें सम्भालना तकनिकल समस्याओ का निवारण जेसे काम एक नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर करता है
#8 Game Developer
आपके पसंदीदा गेम को बनाने वाला ही गेम डवलपर होता है इसके नाम,से ही पता चल जाता है की इसका काम गेम से सम्बन्धित होता है यह गेम डवलपर कंप्यूटर तथा मोबाइल दोनों के लिए हो सकता है यह गेम किसी विशेष समस्या को हल करने से लेकर सामान्य मनोरंजन गेम भी हो सकता है वेबसाइट पर यूजर को एंगेज करने के उदेश्य से भी वेब आधारित गेम्स भी बनाये जाते है जो वेब सर्वर पर चलते है यूजर को इन्ही अपने डिवाइस में इनस्टॉल करने की जरूरत भी नहीं रहती है
#9Computer Teacher
आप सिर्फ काम करने के लिए ही कंप्यूटर नहीं सीखते बल्कि दुसरो को सिखाकर भी लिविंग कमा सकते है यानी टीचिंग में भी आप कार्रिअर बना सकते है
कंप्यूटर सिखाने के लिए आपको कंप्यूटर के साथ एजुकेशन डिग्री भी साथ में लेनी पडती है जिसे आप डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते है
#10 Computer Operator
computer Operator का काम सिर्फ कंप्यूटर को ऑपरेट करना होता है और इसका वास्तविक काम कार्य की जगह और पोजीशन पर निर्भर करता है
उदाहारण के लिए एक होटल रिशेप्शन पर कंप्यूटर ऑपरेटर का काम रूम बुकिंग रूम की स्थिति ,बिल देना आदि काम अपडेट करना होता है इसी तरह कॉल सेन्टर में कॉल मैनेजमेंट सॉफ्टवेर को मैनेज करना तथा कस्टमर्स के साथ बातचीत करना होता है
#11 Data Entry Operator
data entry operator का काम कुछ कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर से मेल खाता है इसका काम कंप्यूटर प्रोग्राम में एंट्रीज प्रविष्ट करना होता है जिसके बदले में उसे सैलरी मिलती है इन्हें एंट्री के हिसाब से काम मिलता है जिसे ऑनलाइन घर बेठे बेठे किया जा सकता है इस काम की प्रकृति पार्ट टाइम होती है इसलिए आप पढाई के साथ खर्चा निकालने के लिए इस काम को कर सकते है
#12 Graphic Designer
यदि आपको पेंटिंग करने का शोक है तो आप इस कैरिअर में हाथ आजाम सकते है गेम वेबसाइट आइकांस ना जाने कितने क्षेत्रो के ग्राफ़िक की जरूरत पडती है
एक क्रिएटिव ग्राफ़िक डिज़ाइनर अपने ग्राफ़िक के द्वारा कृतिम दुनिया को वास्तविक जेसा बनाने का काम करता है गेम्स में आपको जो दुनिया दिखाई जाती है वह इन ग्राफ़िक डिजाईन द्वारा ही निर्मित की जाती है
इन सभी जॉब्स के लिए आपको बेसिक कंप्यूटर कोर्स से लेकर एडवांस कंप्यूटर कोर्सेस जेसे BCA.PGDCA,B.Tech,M.Tech or सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्सेस करने पड़ते है





Leave a Reply